Best Notes about:मनोविज्ञान क्या है?(psychology) 2023

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2 मनोविज्ञान का स्वरूप एवं कार्यक्षेत्र-

मनोविज्ञान क्या है?

मनोविज्ञान क्या है?
मनोविज्ञान क्या है?
  • मनोविज्ञान एक ऐसा विज्ञान है जो प्राणी के व्यवहार तथा मानसिक प्रक्रियाओं का अध्ययन करता है |
  • दूसरे शब्दों में यह कहा जा सकता है कि मनोविज्ञान एक ऐसा विज्ञान है जो क्रमबद्ध रूप से क्षेत्रीय व्यवहार का अध्ययन करता है, तथा प्राणी के भीतर के मानसिक एवं न्यायिक प्रक्रियाओ जैसे- चिंतन, भाव आदि | तथा वातावरण की घटनाओं के साथ उसका संबंध जोड़कर अध्ययन करता है |
  • इस परिपेक्ष्य में मनोविज्ञान को व्यवहार एवं मानसिक प्रक्रिया के अध्ययन का विज्ञान कहा जाता है व्यवहार में मानव व्यवहार तथा पशु व्यवहार दोनों ही सम्मिलित होते हैं मानसिक प्रक्रिया में चिंतन भाव संवेग एवं अन्य तरह की अनुभूतियों का अध्ययन सम्मिलित होता है |

मनोविज्ञान का स्वरूप एवं कार्यक्षेत्र-

  • मनोविज्ञान के क्षेत्र या कार्यक्षेत्र के बारे में जानने का एक आसान तरीका उन विषयों का समस्याओं पर ध्यान देना है जिसमें आधुनिक मनोवैज्ञानिक अधिक अभिरुचि दिखाते हैं तथा उनका विशेष अध्ययन कर रहे हैं |
  • किए गए कार्य के आधार पर मनोवैज्ञानिकों को तीन श्रेणियों में विभक्त किया जा सकता है-
  • पहली श्रेणी में उन मनोवैज्ञानिक को रखा जाता है जो शिक्षण कार्य में व्यस्त है |
  • दूसरी श्रेणी में उन मनोवैज्ञानिक को रखा जाता है जो मनोवैज्ञानिक समस्याओं पर शोध करते हैं, तथा
  • तीसरी श्रेणी में उन मनोवैज्ञानिकों को रखा जाता है जो मनोवैज्ञानिक अध्ययनों से प्राप्त तथ्यों के आधार पर कौशल एवं तकनीक का उपयोग वास्तविक परिस्थिति में करते हैं |
  • इस तरह से मनोवैज्ञानिकों का तीन प्रमुख कार्य क्षेत्र है- शिक्षण, शोध तथा उपयोग इन तीनों कार्य क्षेत्र से संबंधित मुख्य तथ्य का वर्णन निम्नांकित है-

1-शैक्षिक क्षेत्र

  • शिक्षण तथा शोध मनोविज्ञान का एक प्रमुख कार्य क्षेत्र है इस दृष्टिकोण से इस क्षेत्र के तहत निम्नांकित शाखाओं में मनोविज्ञानी अपनी अभिरुचि दिखाते हैं-

1-जीवन अवधि विकासात्मक मनोविज्ञान

  • बाल मनोविज्ञान का प्रारंभिक संबंध मात्र बाल विकास के अध्ययन से था, परंतु हाल के वर्षों में विकासात्मक मनोविज्ञान में किशोरावस्था वयस्क अवस्था तथा वृद्धावस्था के अध्ययन पर भी बल डाला गया है |
  • यही कारण है कि इसे जीवन अवधि विकासात्मक मनोविज्ञान कहा जाता है- जैसे- बुद्धि, पेशीय विकास, सामाजिक विकास, खेल, भाषा विकास का अध्ययन विकासात्मक दृष्टिकोण से करते हैं |

2-मानव प्रयोगात्मक मनोविज्ञान

  • मानव प्रयोगात्मक मनोविज्ञान मनोविज्ञान का एक ऐसा क्षेत्र है जहां मानव के सभी व्यवहारों का अध्ययन किया जाता है |
  • जिस पर प्रयोग करना संभव है सैद्धांतिक रूप से ऐसे तो मानव व्यवहार के किसी भी पहलू पर प्रयोग किया जा सकता है परंतु मनोविज्ञानी उसी पहलू पर प्रयोग करने की कोशिश करते हैं जिसे पृथक किया जा सके तथा जिसके अध्ययन की प्रक्रिया सरल हो |
  • इस तरह से दृष्टि, श्रवण, चिंतन, सीखना आदि जैसे व्यवहारों का प्रयोगात्मक अध्ययन काफी अधिक किया गया है |

3-पशु प्रयोगात्मक मनोविज्ञान

  • मनोविज्ञान का यह क्षेत्र मानव प्रयोगात्मक मनोविज्ञान के समान है सिर्फ अंतर इतना है कि यहां प्रयोग पशुओं जैसे -चूहा, बिल्लियों, कुत्तों, बंदरों, वनमानुष आदि पर किया जाता है |
  • पशु प्रयोगात्मक में अधिकतर शोध सीखने की प्रक्रिया तथा व्यवहार के जैविक पहलुओं के अध्ययन में किया गया है |
  • इस मनोविज्ञान में पशुओं के व्यवहारों जैसे सीखना चिंतन स्मरण आदि का अध्ययन करके मनुष्य के ऐसे ही व्यवहारों को समझने की कोशिश की जाती है |

4-दैहिक मनोविज्ञान

  • दैहिक मनोविज्ञान में मानव विज्ञानियों का कार्य क्षेत्र प्राणी के व्यवहारों के दैहिक निर्धारकों तथा उनके प्रभावों का अध्ययन करना है |
  • इस तरह के दैहिक मनोविज्ञान मनोविज्ञान की एक ऐसी शाखा है जो जैविक विज्ञान से काफी जुड़ा हुआ है इसे मनोज जीव विज्ञान भी कहा जाता है |

5-परिमाणात्मक

  • इस मनोविज्ञान का मुख्य उद्देश्य मानव व्यवहार को समझने तथा उसका अध्ययन करने के लिए गणितीय सांख्यिकी तथा परिमाणात्मक विधियों को विकसित करना है |
  • कई मनोविज्ञानी इस चित्र में व्यवहारिक सांख्यिकी जैसे विषय में अधिक अभिरुचि लेने लगे हैं |
  • मनोविज्ञान के इस भाग को गणितीय कहा जाता है जिसका सबसे अधिक गहरा संबंध संवेदी मनोविज्ञान सीखना तथा निर्णय करने की प्रक्रिया आदि से होता है |

6-व्यक्तित्व मनोविज्ञान

  • व्यक्तित्व मनोविज्ञान का संबंध व्यक्ति तथा व्यक्तियों के बीच विभिन्नता के अध्ययन से है |
  • व्यक्तित्व व्यवहार के अभी प्रेरणात्मक पहलू के बारे में अध्ययन करने में अधिक रूचि दिखाते हैं इस तरह के मनोविज्ञान में सामान्य तथा विचलित दोनों तरह के व्यक्तित्व का अध्ययन किया जाता है |
  • इस क्षेत्र में मनोविज्ञानयों का अधिकतर समय व्यक्तियों को उनके शीलगुणों के आधार पर वर्गीकृत करने में तथा उन आयामों या विमाओं का पता लगाने में भी किया जाता है |
  • जिसके आधार पर एक व्यक्ति की समानता या विभिन्नता दूसरे व्यक्ति से स्थापित की जा सकती है |

7-समाज मनोविज्ञान

  • समाज मनोविज्ञान मनुष्य को एक सामाजिक पशु के रूप में अध्ययन करता है |
  • सामाजिक पशु आपस में अंतः क्रिया करते हैं और एक परिवार या समाज बनाकर रहते हैं |
  • समाज मनोविज्ञान का क्षेत्र समाजशास्त्र के क्षेत्र से काफी संबंधित है |
  • यही कारण है कि बहुत सारे समाजशास्त्री भी अपने आपको समाज मनोवैज्ञानिक आने में फक्र का अनुभव करते हैं |

8-संज्ञानात्मक मनोविज्ञान

  • संज्ञानात्मक मनोविज्ञान में मानसिक प्रक्रिया हो जैसे प्रत्यक्षण चिंतन सीखना बुद्धि स्मृति आदि है |
  • इसके अध्ययन के महत्व पर बल डाला जाता है इन मनोवैज्ञानिकों का मत है कि मानव व्यवहार की संपूर्ण एवं वैज्ञानिक व्याख्या उद्दीपक अनुक्रिया संबंध के रूप में संतोषजनक ढंग से नहीं की जा सकती है |
  • इन मत है कि प्रत्येक उद्दीपक के प्रति व्यक्ति कुछ निर्णय करने के बाद ही अनुक्रिया करता है |

9-असामान्य मनोविज्ञान

  • असामान्य मनोविज्ञान मनोवैज्ञानिकों का ऐसा कार्य क्षेत्र है जिसमें वे को समायोजित व्यवहार या असामान्य व्यवहार के कारण लक्षणों प्रकारों आदि का अध्ययन करते हैं |
  • व्यक्ति के कुछ व्यवहार ऐसे होते हैं जिन्हें और सामान्य व्यवहार कहा जाता है इन व्यवहारों के समझने के लिए मनोविज्ञानी उनके लक्षणों का क्रमबद्ध अध्ययन करते हैं तथा उत्पत्ति के कारणों को समझने के लिए व्यक्ति के जैविक पृष्ठभूमि, मनोवैज्ञानिक पृष्ठभूमि तथा सामाजिक सांस्कृतिक पृष्ठभूमि का विस्तृत रूप से अध्ययन करते हैं |
  • अतः मनोविज्ञान के शाखा में अभिरुचि रखने वाले मानव विज्ञानियों के सामने यह एक कठिन एवं जटिल कार्य होता है क्योंकि उक्त कारकों का विश्लेषण निश्चित रूप से अपने आप में एक असाधारण कार्य है|

10-शिक्षा मनोविज्ञान

  • शिक्षा मनोविज्ञान का क्षेत्र एक महत्वपूर्ण क्षेत्र है जिसमें मनोविज्ञान की सक्रियता अधिक पाई गई है |
  • शिक्षा मनोविज्ञान की शैक्षिक प्रक्रिया के मनोवैज्ञानिक पहलुओं का विशेष अध्ययन करते हैं सीखने के नियमों के अध्ययन के अलावा शिक्षा मनोविज्ञान और भी कई पहलुओं पर अपना ध्यान देते हैं जैसे- छात्रा का शैक्षिक निष्पादन किस तरह से व्यक्तित्व, वयक्तिक विभिन्नता, व्यक्तित्व कारक तथा सामाजिक अंतः क्रिया आदि से प्रभावित होता है |
  • अपने शोध कार्य में कुछ विशेष चलो जैसे चलो शिक्षक छात्र अंतः क्रिया तथा सीखने तथा छात्रों के मनोबल पर पड़ने वाले प्रभाव का भी अध्ययन किया जा सकता है|

3-प्रयुक्त मनोविज्ञान के क्षेत्र

  • मनोविज्ञान का कुछ क्षेत्र ऐसा है जिसमें मनोवैज्ञानिक व्यक्तियों का समूह तथा मनोवैज्ञानिक समस्याओं के समाधान में अपने कौशल एवं शोध का उपयोग करते हैं ताकि उन समस्याओं का समाधान किया जा सके तथा व्यक्तियों का सही मार्गदर्शन किया जा सके |
  • इस तरह के क्षेत्र को प्रयुक्त मनोविज्ञान कहा जाता है इसके तहत निम्नांकित शाखाओं में मनोविज्ञानी कार्यरत है-

1-नैदानिक मनोविज्ञान

  • नैदानिक मनोविज्ञान मनोविज्ञान का सबसे प्रचलित एवं बड़ा प्रयुक्त शाखा है मनोवैज्ञानिकों का कुल संख्या का 43% मनोवैज्ञानिक केवल नैदानिक मनोवैज्ञानिक है |
  • दैनिक मनोविज्ञानी कई तरह के कार्य करते हैं जिनमें सबसे प्रमुख कार्य मनोवैज्ञानिक समस्या से ग्रसित लोगों को चंगा करना है ताकि वे अपने दिन प्रतिदिन की दुनिया में ठीक ढंग से समायोजन कर सके |
  • नैदानिक मनोविज्ञान ई तो ऐसे कई क्षेत्र में सक्रिय है परंतु उनके द्वारा मुख्य रूप से तीन कार्य अधिक किए जाते हैं शोध, निदान तथा उपचार यह लोग मानसिक रोग का उपचार करते हैं |नैदानिक मनोविज्ञान मानसिक रोगों की चिकित्सा करते समय चिकित्सा के जैविक विधि का उपयोग नहीं करते हैं जबकि मनोरोग विज्ञानी इन विधियों का उपयोग खुलकर करते हैं |

2-सामुदायिक मनोविज्ञान

  • सामुदायिक मनोविज्ञान मनोविज्ञान का एक ऐसा क्षेत्र है जो मनोवैज्ञानिक नियमों विचारों एवं तथ्यों का उपयोग सामाजिक समस्याओं के समाधान में करते हैं तथा व्यक्ति को अपने कार्य एवं समूह में समायोजन करने में मदद करते हैं |
  • दूसरे शब्दों में सामुदायिक मनोविज्ञान का संबंध मन चिकित्सा तथा मनो निदान से नहीं होता बल्कि उस पर्यावरण परिस्थिति से होता है जिसमें व्यवहार आत्मक छोटा उत्पन्न होती है या उत्पन्न हो सकती है |
  • सामुदायिक मनोवैज्ञानिक पर्यावरण में परिवर्तन लाकर समस्या को दूर करने में अधिक विश्वास रखते हैं जैसे- स्कूल के संगठन तथा प्रशासन में परिवर्तन पूरे समाज के किशोरों एवं बच्चों के अंतः क्रिया शैली में परिवर्तन आदि करके समस्या की गंभीरता को कम करने की कोशिश करते हैं |
  • सचमुच में सामुदायिक मनोविज्ञानी सामुदायिक मानसिक स्वास्थ्य आंदोलन के विशेष भाग माने जाते हैं |

3-परामर्श मनोविज्ञान

  • परामर्श मनोविज्ञान का कार्य क्षेत्र नैदानिक मनोविज्ञान के कार्य क्षेत्र से काफी मिलता-जुलता है मात्र अंतर इतना है कि परामर्श मनोविज्ञान व्यक्ति के साधारण सांविधिक एवं व्यक्तिगत समस्याओं को दूर करने का प्रयास करते हैं जबकि नैदानिक मनोविज्ञान में इससे थोड़ा जटिल एवं कठिन समस्याओं को दूर करने का भी प्रयास किया जा सकता है |
  • दूसरे शब्दों में यह कहा जा सकता है कि परामर्श मनोविज्ञान सामान्य व्यक्तियों को ही अपनी समायोजन क्षमता को मजबूत करने में मदद करता है |

4-स्कूल मनोविज्ञान

  • स्कूल मनोवैज्ञानिक का कार्य सामुदायिक मानसिक स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं एवं परामर्श मनोविज्ञानी से काफी मिलता-जुलता है स्कूल मनोविज्ञानी मुख्यतः प्राथमिक तथा माध्यमिक स्कूलों में कार्य करते हैं तथा वे छात्रों को अन्य विशेषज्ञ के पास विशेष उपचार के लिए भेजते हैं |
  • स्कूल में वह मुख्यता व्यावसायिक एवं शैक्षिक परीक्षण कार्य करते हैं तथा परामर्श एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम को संगठित करके जो शिक्षक को छात्रों एवं अन्य शिक्षकों के साथ संगठित करने में तथा स्कूल के प्रशासन की समस्याओं से संबंधित प्रश्नों का हल ढूंढने में लाभदायक होता है महत्वपूर्ण सेवा प्रदान करते हैं |

5-औद्योगिक एवं संगठनात्मक मनोविज्ञान

  • उद्योग एवं अन्य ऐसा क्षेत्र है जिसमें मनोविज्ञान नियमों एवं सिद्धांतों का उपयोग किया जाता है |
  • औद्योगिक मनोविज्ञान में उद्योग में कार्यरत कर्मचारियों के मनोवैज्ञानिक समस्याओं का अध्ययन किया जाता है तथा उनका पर्याप्त समाधान ढूंढने का प्रयास किया जाता है और योगिक मनोविज्ञान का संबंध कर्मचारियों एवं कार्यों के विभाजन कार्मिक चयन कार्य मूल्यांकन कार्य मनोवृति कार्य के भौतिक वातावरण आदि के अध्ययन से होता है |
  • औद्योगिक मनोविज्ञान का एक ऐसा भी विशेष क्षेत्र है जिसमें कर्मचारियों एवं मशीनों के डिजाइन के बीच खास तरह के सामंजस्य परवल डाला जाता है इसमें क्षेत्र को अभियांत्रिकी मनोविज्ञान या मानव अभियांत्रिकी भी कहा जाता है |
  • मनोवैज्ञानिक को में कुल संख्या का करीब 4 परसेंट मनोविज्ञानी औद्योगिक मनोविज्ञान के क्षेत्र में कार्यरत है |

6-सैन्य मनोविज्ञान

  • इस में मनोवैज्ञानिक नियम एवं सिद्धांतों का उपयोग अन्य क्षेत्रों में किया जाता है अमेरिकन सैन्य बलों में मनोविज्ञान के सिद्धांत एवं तथ्यों का पहली बार प्रयोग किया गया था भारत में द्वितीय विश्व युद्ध के बाद यह भारतीय सैन्य बलों में का उपयोग किया जा रहा है तथा इसके लिए भारत सरकार ने रक्षा मंत्रालय के तहत एक विशेष संस्था भी खोल रखा है जिसे साइकोलॉजिकल इंस्टिट्यूट ऑफ़ डिफेंस रिसर्च की संज्ञा दी गई है |
  • इस क्षेत्र के मनोवैज्ञानिकों का मुख्य कार्य क्षेत्र निम्नांकित 5 तरह की गतिविधियों तक फैला हुआ है-
    • विभिन्न स्तरों पर रक्षा कर्मियों का चयन |
    • विशेष कार्यक्रम का आयोजन करके ऐसे कर्मियों में नेतृत्व गुणों को विकसित करना |
    • विशेष ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रमों को विकसित करना जिनसे कर्मियों में सुरक्षा कौशलों का विकास हो सके |
    • सैन्य बलों में मनोबल को विकसित करने के लिए कुछ विशेष कार्यक्रम करना |
    • कुछ विशेष सैन्य समस्याओं जैसे अधिक ऊंचे स्थानों में उचित व्यवहार करने संबंधी सैनिकों की समस्याएं चिंता तथा तनाव आदि से उत्पन्न समस्याओं का अध्ययन करना |

3-मनोविज्ञान के नए उभरते क्षेत्र

  • मनोविज्ञान लगातार विकसित हो रहा है तथा मनोवैज्ञानिकों के कार्य क्षेत्र में नई-नई विशेषताएं प्रवेश करती जा रही है |
  • मनोविज्ञान के कुछ नई शाखाओं का प्रादुर्भाव हो रहा है जिनमें निम्नांकित प्रमुख है-

1-पर्यावरण मनोविज्ञान

  • मनोविज्ञान के इस शाखा में पर्यावरण तथा उसके व्यवहार पर पड़ने वाले प्रभाव का अध्ययन किया जाता है पर्यावरण के विभिन्न पहलुओं जैसे- स्कूल, घर, आवाज, प्रदूषण, मौसम, भीड़-भाड़ आदि का व्यवहार पर स्पष्ट प्रभाव पड़ता है |
  • इन प्रभावों का अध्ययन पर्यावरणीय मनोविज्ञान में किया जाता है |

2-स्वास्थ्य मनोविज्ञान

  • मनोविज्ञान के क्षेत्र में स्वास्थ्य विशेषकर शारीरिक स्वास्थ्य को प्रभावित करने वाले कारकों का अध्ययन किया जाता है |
  • दूसरे शब्दों में स्वास्थ्य मनोविज्ञान में स्वास्थ्य तथा उन्हें प्रभावित करने वाले जरूर के बीच के संबंधों पर प्रकाश डाला जाता है |
  • इस क्षेत्र में विशेषकर तनाव चिंता आदि का हृदय रोग कैंसर आदि की उत्पत्ति में क्या भूमिका होती है या हो सकती है इसका अध्ययन किया जाता है |

3-सुधारात्मक मनोविज्ञान

  • मनोविज्ञान के इस शाखा में मनोवैज्ञानिक उन मानव व्यवहारों का अध्ययन करते हैं जो सामाजिक नियम तथा कानून का उल्लंघन से संबंध होता है |
  • मनुष्य के ऐसे व्यवहारों को सुधारने का पर्याप्त प्रयास मनोवैज्ञानिक तथ्यों तथा विधियों द्वारा किया जाता है |
  • इसमें अपराधी एवं किशोर अपराधियों के व्यवहारों को सुधारने का प्रयास प्रयास किया जाता है |
  • इस मनोविज्ञान का संबंध जेल के पर्यावरण तथा न्यायिक ओल्ड आदि के वातावरण से काफी होता है |

4-न्यायिक मनोविज्ञान

  • मनोविज्ञान तथा कानून का संबंध पुराना है न्यायिक मनोविज्ञान में इन दोनों के संबंधों का मनोवैज्ञानिक अध्ययन किया जाता है |
  • किसी व्यक्ति पर मुकदमा चलाया जा सकता है कि नहीं इसका निर्धारण करने में मनोवैज्ञानिक निदान की भूमिका अहम होती है |
  • जेल के भीतर मनोवैज्ञानिक एक चिकित्सक आदि के रूप में कार्य करते हैं पुलिस विभाग द्वारा अक्सर मनोवैज्ञानिकों की सेवा इस उम्मीद से ली जाती है कि वे उन्हें जटिल मानव एवं अभिप्रेरणा को ठीक ढंग से समझने में मदद करेंगे |
  • कानूनी तंत्र के दूसरे छोर पर यह भी देखा गया है कि मनोवैज्ञानिक शोधों का उपयोग कभी-कभी जटिल न्यायिक निर्णय लेने में सफलतापूर्वक किया जाता है |

5-क्रीडा मनोविज्ञान

  • क्रीडा मनोविज्ञान एक ऐसी शाखा है जिसमें न केवल पुरुष खिलाड़ी तथा महिला खिलाड़ी के व्यवहारों एवं अनुभूतियों का बल्कि कोच, रेफरी, क्लब तथा खेलकूद संघों के प्रबंधकों तथा श्रोताओं के प्रतिक्रियाओं का भी अध्ययन होता है |
  • क्रीड़ा मनोविज्ञानी व्यक्तियों के गत एवं वर्तमान निष्पादनओं का ही सिर्फ अध्ययन नहीं करते बल्कि खेलकूद की घटनाओं एवं परिस्थितियों के बारे में पड़े धारियों के बीच होने वाले गत एवं वर्तमान अंता क्रियाओं का भी अध्ययन करते हैं |

6-राजनीतिक मनोविज्ञान

  • राजनीतिक मनोविज्ञान के सचिव भर्ती शाखा है जिसमें मूलतः इस बात का अध्ययन मनोवैज्ञानिक करते हैं कि लोगों पर शासन कैसे किया जाए इस तथ्य का समर्थन फ्रांस में G.Lee Bon द्वारा पुस्तक पॉलीटिकल साइकोलॉजी एंड सोशल डिफेंस जिसका प्रकाशन 1910 में हुआ था |
  • अमेरिका में एच डी लासवेल को उनकी पुस्तक साइकोपैथोलॉजी एंड पॉलिटिक्स के प्रकाशित होने के बाद राजनीतिक का उन्हें जनक माना जाता है|
  • राजनीतिक में देश के मूल्य तंत्रों एवं विश्वास में परिवर्तन प्रेरणा, आत्म सम्मान तथा निर्णय प्रक्रिया से संबंध नेतृत्व एवं सहभागिता समस्याओं का गहन रूप से अध्ययन किया जाता है |

7-आर्थिक मनोविज्ञान

  • आर्थिक मनोविज्ञान जैसे पद का उपयोग सबसे पहले 1901 में हुआ क्योंकि यह उस पाठ्यक्रम का नाम था जिसे टारडे ने पेरिस विश्वविद्यालय में पढ़ाया करते थे |
  • आर्थिक की वह शाखा है जिसमें यह अध्ययन किया जाता है कि व्यक्ति किस तरह से अर्थव्यवस्था द्वारा प्रभावित होता है और जब वे जीवन के श्रेष्ठ चीजों को प्राप्त करने के बारे में निर्णय लेते हैं तो उनके इस आर्थिक व्यवहार में कौन-कौन प्रतिक्रियाएं सम्मिलित होती है |
  • आर्थिक प्रयोगात्मक डिजाइन का उपयोग करके अपने विषय वस्तु अर्थात आर्थिक व्यवहार का अध्ययन करते हैं इन मनोवैज्ञानिकों द्वारा परिणाम आंकड़ों को इकट्ठा करने के लिए प्रश्नावली सर्वे व्यवहार रेटिंग्स शब्दार्थ विभेदक मापनी का उपयोग किया जाता है |

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